Ajay Kandewar,Wani:- शहर का ‘शीश का महल’ इन दिनों पूरे वणी में चर्चा का विषय बना हुआ है। सामान्य व्यापार के लिए शुरू हुआ यह प्रतिष्ठान अब कथित रूप से डुप्लिकेट तंबाकू की बिक्री का केंद्र बनता जा रहा है—ऐसी चर्चा नागरिकों में तेज़ी से फैल रही है। दिन-दहाड़े बढ़ती भीड़, लगातार होते लेन-देन और स्थानीय लोगों की खुली बातचीत को देखते हुए इसे वणी का एक तरह का “तंबाकू ज़ोन” कहा जाने लगा है।
इन चर्चाओं को और बल इस आशंका से मिल रहा है कि यहां ‘डी’ ब्रांड का तंबाकू माल बेचा जा रहा है। भले ही इस संबंध में अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई हो, लेकिन शहरवासियों के बीच इस मुद्दे पर खुलकर बातें होने से माहौल गरमा गया है। नियम-कानून और कार्रवाई क्या केवल आम लोगों के लिए हैं? ऐसे सवाल नागरिक पूछने लगे हैं।गौर करने वाली बात यह है कि इससे पहले भी इसी ‘शीश का महल’ पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने छापा मारकर बड़ी मात्रा में सुगंधित तंबाकू जब्त किया था और मामला दर्ज किया गया था। उस समय यह उम्मीद थी कि कार्रवाई का असर दिखेगा, लेकिन मौजूदा हालात देखकर लगता है कि उस कार्रवाई का कोई ठोस परिणाम नहीं हुआ। मामला दर्ज होने के बावजूद कारोबार पहले की तरह चल रहा है—यह प्रशासन की कार्रवाई की गंभीरता पर सवाल खड़े करता है।
शहर में बाहर से लाया गया डुप्लिकेट और घटिया गुणवत्ता का तंबाकू बेचे जाने की चर्चा भी तेज़ है। इससे न केवल नियमों का उल्लंघन हो रहा है, बल्कि नागरिकों के स्वास्थ्य पर भी सीधा खतरा मंडरा रहा है। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम न दिखने से लोगों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।इस पूरे मामले की जानकारी ‘विदर्भ न्यूज’ के माध्यम से जनता तक पहुंचाई जा रही है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस पर गंभीरता से कार्रवाई करता है या पहले की तरह चुप्पी साधे रहता है। फिलहाल वणी शहर में एक ही सवाल गूंज रहा है—क्या ‘शीश…का…महल’ सच में एक घातक है, या तंबाकू कारोबार के लिए बनाया गया एक सुरक्षित ठिकाना?

