Sunday, October 25, 2026
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“शिवेश” और “अनिल” के दुकानो पर “सेटिंग वाला” छापा….!

• फूड विभाग का "छापा" संदेह के घेरे में ,"सेटिंग" की भी गरमागरम चर्चा . • ग्राहकों को "Mazaa बॉक्स" मिलते हैं, छापे के दौरान अधिकारियों को एक भी बॉक्स क्यों नहीं मिला, साहेब?

अजय कंडेवार, वणी :- तहसील के वणी और शिंदोला में गुटखा और सुगंधित तंबाकू खुले बाजार में बेचे जाने का एक वीडियो ग्रुप पर वायरल हुआ था। शिकायतकर्ता ने अमरावती और यवतमाल में खाद्य एवं औषधि प्रशासन अधिकारियों को सीधे पत्र प्रस्तुत करते हुए कहा था कि, सुगंधित तम्बाकू प्रतिबंध के बावजूद, वणी में मनोहर बार के सामने और शिंदोला में “शिवेश” नामक व्यक्ति की दुकान में अवैध सुगंधित तम्बाकू और गुटखा के बड़े डिब्बे खुलेआम बड़ी मात्रा में बेचे जा रहे हैं। उसी वक्त यह बात सामने आई है कि, खाद्य एवं औषधि प्रशासन के संबंधित अधिकारियों ने “शिवेश” और “अनिल” की दुकानों पर गहन जांच करने का बहाना बनाकर वरिष्ठ अधिकारियों को गुमराह किया। ऐसा सीधा सवाल खडा किया जा रहा है.

एक स्टिंग ऑपरेशन से पता चला है कि, वणी में मनोहर बार के सामने “अनिल “और शिंदोला के “शिवेश” नामक व्यक्ति की भारी मात्रा में अवैध रूप से सुगंधित तंबाकू और गुटखा की तस्करी की जा रही है। यह पुरा कथन एक शिकायतकर्ता ने अमरावती और यवतमाल में खाद्य एवं औषधि प्रशासन को लिखित रूप से इसकी जानकारी दी और जब वरिष्ठ अधिकारियों ने संबंधित विभाग के एक अधिकारी को एक टीम के साथ वणी भेजा, तो संबंधित अधिकारी ने उनके पास जाकर उपर उपर जांच करते समय कुछ जल्दबाजी करके वरिष्ठ अधिकारियों को गलत रिपोर्ट भेज दी ? वणी शहर में इस बात की चर्चा गरम है कि एक शिकायतकर्ता स्टिंग ऑपरेशन का वीडियो वरिष्ठ अधिकारियों के पास ले जाता है और दावा किया है कि , शिकायतकर्ता उन दोनो दुकान से तंबाकू के डिब्बे और गुटखा सबूत के साथ लाकर सबूतों के साथ इसे साबित भी करता है। लेकिन जब वरिष्ठ अधिकारी संबंधित अधिकारी को जांच के लिए वणी भेजते हैं तो, वो अधिकारी को उन दूकानो में से एक भी बक्सा नहीं मिलता। यह एक शर्मनाक बात है. क्या इसे पद का दुरुपयोग कहा जाए या फिर उस अधिकारी का गुटखा माफिया के साथ अत्यंत गुप्त संबंध कहा जाए? इसलिए यह चर्चा का विषय बन रहा है कि ,उस अधिकारी द्वारा की गई छापेमारी पूरी तरह दिखावा था। या साठगाठ से की गई सेटिंग…?

 

“वणी के “अनिल” और शिंदोला के “शिवेश”इनका अधिकारियों के साथ मस्त गप्प संबंध……

“अनिल और शिवेश” वास्तव में अधिकारियों के बीच की गपशप के कारण दिल को छू जाती है। संबंधित अधिकारी का कहना है कि यह शर्म की बात है कि इतने बड़े वायरल वीडियो के बावजूद उनकी दुकान से एक भी डिब्बा नहीं मिला। अब सवाल ये भी है की,खाद्य एवं औषधि प्रशासन की मंजूरी के बिना राज्य में इतना बड़ा गुटखा कारोबार कैसे चल सकता है? और यह कहना गलत नहीं होगा कि , वो “अनिल और शिवेश काफी मौज कर रहे हैं जब संबंधित विभाग “अनिल और शिवेश” के खिलाफ गंभीर कार्रवाई करके उन्हें जेल की हवा दिखाना ही चाहिए. तभी इन्हे सबक मिलेगा.

 

 

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