Ajay Kandewar,Wani:- तहसील क्षेत्र मे लालपुलिया के कोयला कारोबार में इन दिनों अंदरूनी खींचतान की चर्चाएं जोरों पर हैं। व्यापारी वर्ग में कौन किसके साथ है और कौन किसका खेल बिगाड़ रहा है, यह समझना मुश्किल होता जा रहा है। चर्चा है कि कुछ बिचौलिए अपना दबदबा बनाने में लगे हैं, जिसका नुकसान कुछ कोयला प्लॉटधारकों को उठाना पड़ रहा है। बड़े लोगों के खेल में छोटे व्यापारियों की कमर टूट रही है, लेकिन उनकी परेशानी की चिंता आखिर किसे है?
विश्वसनीय सूत्रों से ऐसी जानकारी सामने आने की बात कही जा रही है कि कुछ व्यापारियों को भी अपने पक्ष में करके दूसरे व्यापारियों के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिशें चल रही हैं। हालांकि, इन चर्चाओं की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। व्यापारिक गलियारों में ‘अपना काम बनता, भाड़ में जाए जनता’ जैसी नीति अपनाए जाने की बातें भी सुनाई दे रही हैं। यदि ऐसा है, तो सवाल उठता है कि अपने फायदे के लिए दूसरों को मुश्किल में डालने की यह कैसी रणनीति है? आखिर इस कथित खेल में फायदा किसका हो रहा है और नुकसान कौन उठा रहा है.
लालपुलिया के कोयला कारोबार में एकता की कमी का फायदा कहीं कुछ लोग तो नहीं उठा रहे? ‘माल हमारा, काम तुम्हारा और फायदा किसी तीसरे का!’ यह सवाल अब व्यापारियों के बीच चर्चा का विषय बनता जा रहा है।अब देखना यह है कि व्यापारी इस कथित “दलाली के “खेल को समझकर एकजुट होते हैं या फिर आपसी खींचतान में छोटे कारोबारियों की परेशानी और बढ़ती है.

