Ajay Kandewar,Wani:- वणी के विश्रामगृह में 22 मार्च को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुनील मोहितकर ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए जोरदार पलटवार किया। उन्होंने साफ कहा कि, “ये आरोप पूरी तरह झूठे और बेबुनियाद हैं, जिनका मकसद सिर्फ मेरी छवि खराब करना है।” इस दौरान उन्होंने एडवोकेट सोनिया गजभिये की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि बिना ठोस सबूतों के इस तरह के आरोप लगाना कानून की भावना के खिलाफ है।
प्रेस कॉन्फरन्स में मोहितकर ने कहा कि, भारतीय न्याय व्यवस्था में किसी भी आरोप को साबित करने के लिए पुख्ता सबूत जरूरी होते हैं, लेकिन इस मामले में सिर्फ आरोपों की पुनरावृत्ति की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला के नाम का सहारा लेकर सहानुभूति बटोरने की कोशिश की जा रही है, जबकि न्यायालय में केवल तथ्य और साक्ष्य ही मान्य होते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि FIR दर्ज होना किसी के दोषी होने का प्रमाण नहीं होता।14 अक्टूबर के मामले का जिक्र करते हुए मोहितकर ने उसे भी “पूर्व नियोजित साजिश” बताया। उन्होंने कहा कि उस मामले का फैसला जल्द आने वाला है और उन्हें पूरा विश्वास है कि न्यायालय से उन्हें राहत मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि बार-बार एक ही तरह के आरोप और एक ही पक्ष के लोग सामने आ रहे हैं, जिससे पूरे मामले की मंशा पर सवाल खड़े होते हैं।प्रेस कॉन्फ्रेंस में मोहितकर ने यह साफ संदेश दिया कि उनके खिलाफ चल रहा पूरा मामला एक सुनियोजित बदनाम करने की कोशिश है। उन्होंने न्यायालय पर भरोसा जताते हुए कहा कि सच्चाई सामने आएगी और कानून झूठे आरोपों को बेनकाब करेगा। अब इस पूरे मामले में आगे क्या होता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
मोहितकर ने उठाये कई सवाल…..
मोहितकर का दावा है कि, जिस समय घटना होने की बात कही जा रही है, उस समय वे घटनास्थल पर मौजूद ही नहीं थे, बल्कि अपने ऑफिस में थे। उन्होंने कहा कि उनके पास उस समय के कई CCTV फुटेज मौजूद हैं, जो उनकी मौजूदगी को पूरी तरह अलग जगह साबित करते हैं। ऐसे में उन्होंने सीधे तौर पर सवाल उठाया कि जब वे मौके पर थे ही नहीं, तो हमला कैसे कर सकते हैं?
पत्रकार परिषद में सब एरिया मैनेजर सुरेश घरडे पर जबरदस्त आरोप……. पढो….
तत्कालीन सब एरिया मैनेजर सुरेश घरडे पर आरोप है कि वे लंबे समय से कामगारों को विभिन्न कारणों से लगातार परेशान कर रहे थे। जब कामगारों के न्याय और अधिकारों की रक्षा के लिए यूनियन के नेता ने उनसे मुलाकात की, तो उन्होंने कथित रूप से अभद्र व्यवहार किया। इस पूरे मामले की शिकायत वेकोली के वरिष्ठ अधिकारियों से की गई थी।
इसी शिकायत से नाराज होकर, आरोप है कि सुरेश घरडे ने सूड (बदले) की भावना रखते हुए “एक महिला कर्मचारी कथित फिर्यादी” को साथ लेकर एक कथित साजिश रची। इसके तहत 14 अक्टूबर 2025 को वणी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। यह मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है।इस कथित झूठी शिकायत के कारण संबंधित व्यक्ति को 18 दिनों तक जेल में रहना पड़ा, जिससे उसे और उसके परिवार को शारीरिक, मानसिक और आर्थिक कष्ट झेलने पड़े। साथ ही समाज में हुई बदनामी को भी एक बड़ी क्षति बताया जा रहा है। यह मामला अब कर्मचारियों की सुरक्षा और अधिकारियों के व्यवहार को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। संबंधित अधिकारी किसी भी हद तक जा सकता है, यह एक बार फिर सामने आया है। दिनांक 17 मार्च 2026 को एडवोकेट सोनिया अमृत गजभिये ने चाकू से हमले का नाटक करते हुए शिरपूर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई ऐसा घनाघाती आरोप पत्रकार परिषद से किया गया.विशेषतः शिकायत में उल्लेखित समय सुबह 11 से 11:15 बजे के बीच का है, जबकि उस समय मैं अपने निवली (ता. वणी) स्थित घर के निर्माण स्थल पर मौजूद था, जिसके प्रमाण मैंने पुलिस प्रशासन को प्रस्तुत किए हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि, यह शिकायत भी पहले की तरह ही झूठी और मनगढ़ंत है। ऐसी सनसनाटी खुली चुनौती पत्रकार परिषद में सुनील मोहितकर ने लगाइ l

