Ajay Kandewar,Wani:-वणी में 22 मार्च को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में यूनियन लीडर सुनील मोहितकर ने अपने खिलाफ दर्ज शिकायतों पर जोरदार पलटवार करते हुए सनसनीखेज दावा किया। मोहितकर ने कहा, “जिस महिला ने मेरे खिलाफ शिकायत की है, उसे मैंने कभी देखा तक नहीं और मैं उसे जानता भी नहीं हूं।” इस बयान के बाद पूरे मामले में नया मोड़ आ गया है।मोहितकर ने आरोप लगाया कि यह पूरा मामला एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा है, जिसमें उन्हें झूठे मामलों में फंसाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने सबएरिया मैनेजर सुरेश घरडे पर फिर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि इस पूरे प्रकरण के पीछे “मास्टरमाइंड” कौन है, यह अब छिपा नहीं है और शक की सुई बार-बार सब एरिया घरडे की ओर ही जाती है।
17 मार्च 2026 को एडवोकेट सोनिया गजभिये द्वारा शिरपुर पुलिस थाने में दर्ज कथित चाकू हमले की शिकायत को भी मोहितकर ने फर्जी करार दिया। उन्होंने दावा किया कि घटना के समय वे निवली (ता. वणी) स्थित अपने निर्माण स्थल पर मौजूद थे और इसके ठोस सबूत पुलिस को सौंपे गए हैं। ऐसे में यह मामला झूठी शिकायत और साजिश के दायरे में आता है, जिसकी कानूनी जांच आवश्यक है।सबसे बड़ी बात यह है कि 14 अक्टूबर को हुई पूर्व घटना से भी इस पूरे मामले में समानता दिखाई दे रही है। इसी कारण अब पहले मामले के फिर्यादी पर भी सवाल उठने लगे हैं और वह भी संदेह के घेरे में आ गया है।विदर्भ न्यूज ने संकेत दिए हैं कि वह इस पूरे मामले का “पोस्टमार्टम” यानी विस्तृत विश्लेषण करते हुए 14 अक्टूबर के केस की भी पूरी “चीरफाड़” करेगी, जिससे कई नए खुलासे सामने आने की संभावना है।
मोहितकर ने यह भी कहा कि महिलाओं को आगे कर किसी अधिकारी द्वारा निजी रंजिश निकालना न केवल नैतिक रूप से गलत है, बल्कि कानून के तहत भी गंभीर अपराध हो सकता है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की जांच भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं विशेषकर साजिश, झूठी शिकायत और तथ्य छुपाने के तहत की जाए।प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद वणी क्षेत्र में यह मामला और ज्यादा गरमा गया है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि जांच एजेंसियां इस पूरे प्रकरण में क्या कार्रवाई करती हैं और सच्चाई कब सामने आती है।

