Ajay Kandewar,Wani:- वणी तहसिल में फिर एक बार महिला सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा करने वाली घटना सामने आई है, जहां नागपुर हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करने वाली एड. सोनिया गजभिये (42), निवासी भालर टाउनशिप, पर दिनदहाड़े हमला और अपमानजनक का प्रयास किया गया। महिला सशक्तिकरण के लिए एक नामी संगठन के माध्यम से सक्रिय भूमिका निभाने वाली इस वकील को निशाना बनाकर आरोपी सुनील भाऊराव मोहितकर ने खुलेआम कानून को चुनौती दी है।
आरोप है कि,सुनील मोहितकर ने पुरानी रंजिश के चलते चाकू दिखाकर एड. गजभिये को डराने की कोशिश की और केस वापस लेने का दबाव बनाया। विरोध करने पर उनके साथ धक्का-मुक्की और अपमानजनक हरकत की गई। यह घटना सिर्फ एक हमला नहीं, बल्कि न्याय की आवाज को दबाने की कोशिश के रूप में देखी जा रही है। इस मामले में विभिन्न धाराओं के तहत शिरपुर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज की गई।
15 अक्टूबर की सुनील मोहितकर पार्श्वभूमि भी चौंकाने वाली…..
यही सुनील मोहितकर पहले भी WCL क्षेत्र में अपहरण और विनयभंग जैसे गंभीर आरोपों में घिर चुका है। 15 अक्टूबर को वणी पुलिस थाने में दर्ज शिकायत के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था, उसकी हैरियर कार जब्त की गई थी और न्यायालय ने उसे हिरासत में भी भेजा था। बावजूद इसके, उसका फिर से इस तरह सामने आना यह दिखाता है कि उसे कानून का कोई डर नहीं बचा है।अब बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि बार-बार गंभीर मामलों में नाम आने के बावजूद ऐसे आरोपी खुलेआम कैसे घूम रहे हैं? वणी में महिलाओं की सुरक्षा आखिर किस भरोसे है? सुनील मोहितकर का यह ‘बेखौफ चेहरा’ कानून व्यवस्था के लिए सीधी चुनौती बनकर उभरा है, जिस पर सख्त कार्रवाई की मांग तेज हो गई .
“यूनियन लीडर” कैसा हो ऐसा “सुनील मोहितकर”जैसे?
“सुनील मोहितकर जैसे यूनियन लीडर पर महज छह महीनों में दो बार अलग अलग महिलाओं द्वारा गंभीर छेडछाड जैसे गंभीर आरोप लगना,व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।क्या यूनियन विभाग जानबूझकर आंखें मूंदे बैठा है, या फिर जिम्मेदारी से भाग रहा है?जब नेतृत्व ही सवालों के घेरे में हो, तो महिला सुरक्षा का भरोसा कैसे कायम रहेगा? हर बार शिकायत के बाद भी अगर कार्रवाई ठंडी पड़े, तो यह चुप्पी भी एक तरह की सहमति मानी जाएगी।

