Ajay Kandewar,Wani:-सुनील मोहितकर प्रकरण में अब एक के बाद एक चौंकाने वाले सवाल खड़े हो रहे हैं। 15 अक्टूबर को दर्ज पहली शिकायत और 17 मार्च को एडवोकेट सानिया गजभियेद्वारा शिरपुर पुलिस थाने में दर्ज दूसरी FIR क्या ये दोनों मामले आपस में जुड़े हुए हैं? क्या ये सिर्फ संयोग है या फिर किसी सुनियोजित साजिश का हिस्सा? इलाके में अब यही चर्चा जोर पकड़ रही है।
सूत्रों और चर्चाओं के अनुसार, दूसरी शिकायत कहीं न कहीं पहली FIR से प्रेरित या प्रभावित बताई जा रही है। सवाल ये उठ रहा है कि अगर दोनों आरोपों में समानता या कड़ी है, तो फिर इसके पीछे असली “मास्टरमाइंड” कौन है? क्या दोनों महिलाओं ने किसी के कहने पर आरोप लगाए? और अगर ऐसा है, तो आखिर किसके इशारे पर?सबसे बड़ा सवाल पहिली केस से वणी पुलिस कार्रवाई को लेकर भी उठ रहा है। इतनी गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया.तो क्या ये कार्रवाई पूरी जांच के बाद की गई थी या फिर बिना ठोस पड़ताल के? अगर जांच हुई थी, तो उसमें कितना तथ्य सामने आया? और अगर तथ्य कमजोर हैं, तो फिर इतने बड़े आरोप दर्ज कैसे हुए?
मामले में एक और अहम पहलू यह सामने आ रहा है कि पहली FIR को असामान्य रूप से ज्यादा फोकस मिला, और उसी आधार पर दूसरा मामला खड़ा हुआ ऐसा दावा किया जा रहा है। यदि यह बात सही निकलती है, तो पूरी केस की दिशा ही बदल सकती है। फिलहाल यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है और जांच जारी है।अब सबकी नजर कोर्ट के फैसले पर टिकी है। अगर जांच के बाद पहली FIR में सुनील मोहितकर को राहत मिलती है, तो यह साफ संकेत हो सकता है कि शुरुआती आरोप ही संदिग्ध थे। ऐसे में यह भी सवाल उठेगा कि क्या किसी ने जानबूझकर सुनील मोहितकर को बदनाम करने और मानसिक रूप से परेशान करने की साजिश रची?फिलहाल सच क्या है,यह तो जांच और न्यायालय के फैसले के बाद ही साफ होगा, लेकिन इतना जरूर है कि इस पूरे प्रकरण ने कई अनुत्तरित सवाल खड़े कर दिए हैं। “Director कौन?”यह सवाल अब उठ रहा है.
झूठी शिकायत करने वाले व्यक्ति के खिलाफ……
सुनील मोहितकर बार-बार प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह कह रहे हैं कि उन पर लगे दोनों आरोप झूठे और बदनाम करने के उद्देश्य से लगाए गए हैं। यदि ऐसा है, तो पहली कथित झूठी शिकायत करने वाले व्यक्ति के खिलाफ क्या कानूनी कार्रवाई हो सकती है, इस पर उनकी स्पष्ट भूमिका सामने आना जरूरी है।कानूनी दृष्टि से, यदि कोई शिकायत जानबूझकर झूठी साबित होती है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ झूठी सूचना देने, झूठी शिकायत दर्ज पर कार्रवाई की जा सकती है।
विदर्भन्यूज का पोस्टमार्टम जारी…क्रमशः…..

