Ajay Kandewar,Wani:- तंबाखू प्रतिबंध के बावजूद महाराष्ट्र के वणी औंर शिंदोला गाव में‘खुला’ बाजार चल रहा हैं .इसका समूह पर एक व्हिडिओ भी व्हायरल हो रहा है . तंबाखू प्रतिबंधित होने के बावजूद वणी में गुटखा धड़ल्ले से बिक रहा है। भर इलाकों से लेकर आवासीय क्षेत्रों तक गुटखे की अवैध बिक्री बगैर रोक-टोक जारी है।

•शहर के “एक के मनोहर बार सामने ओम साई ट्रेडर्स का व्हायरल व्हिडिओ में अवैध कारोबार का सच…..
समूह पर हुवा व्हायरल व्हिडिओ….
वणी शहर में बस स्टँड चौक से सटे इलाकों में गुटखे का बाजार हमेशा सजा रहता है। दिन हो या रात, कभी भी यहां आसानी से गुटखा खरीदा जा सकता है ऐसा व्हिडिओ मे साफ दिख रहा है । और शिंदोला में “एक शीवेश नाम”व्यक्ती कें दुकान पर अवैध सुगंधित तंबाखू,गुटखे की बडे पैमाने मे बिक्री होती हैं। इन दोनो दुकानों के सामने सरेआम गुटखा लटकाकर बेचा जाता है। इसके बावजूद इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है क्योकी फूड विभाग का आर्थिक संबंध का सिधा संशय व्यक्त किया जा रहा है। वणी एव शिंदोला मे गुटखा का कारोबार अवैध रूप से फल-फूल रहा है। दिन में इन जगहों पर चोरी छिपे गुटखा बेचा जाता है, तो रात के वक्त यह खुलेआम बिकता है।
•शिंदोला गाव में धडल्ले से बेचा जा रहा है सुगंधित तंबाखू का व्हायरल व्हिडिओ में अवैध कारोबार का सच…..
समूह पर हुवा व्हायरल व्हिडिओ….
•“वो अधिकारी” और अनील और शिवेश गुटखा माफिया के बीच मधुर संबंध…?
” जब स्टिंग ऑपरेशन से यह पता चला कि सुगंधित तम्बाकू के जमाखोर काले बाजार में इतनी ऊंचाई तक पहुंच गए हैं, तो वणी और शिंदोला के विभिन्न कोनों के नागरिकों ने अब खाद्य एवं औषधि प्रशासन के बारे में खुलकर बोलना शुरू कर दिया है। ऐसा ही एक पत्र ‘विदर्भ न्युज ‘ के हाथ लगा है। इस पत्र के अनुसार, उस व्यक्ति ने स्वयं खाद्य एवं औषधि प्रशासन के सह-आयुक्तों को सुगंधित तम्बाकू के स्टॉक एवं स्टिंग ऑपरेशन के बारे में सूचित किया था। जो विभाग अपने कर्तव्यों के निर्वहन के लिए सदैव सजग रहता है, वह शिकायतों का इंतजार नहीं करता। हालाँकि, शिकायत प्राप्त होने के बाद कार्रवाई करने का कोई इरादा न होने पर भी वे शिकायतकर्ताओं को संतुष्ट करने के लिए कार्रवाई करने का दिखावा करते हैं। हालांकि, शिकायतकर्ता ने ‘विदर्भ न्युज’ को भेजे पत्र में आरोप लगाया है कि इस विभाग के प्रमुख से सीधी शिकायत करने के बाद भी उनकी अनदेखी कर रही हैं और उन्हे( तस्करो) को खुले सांड के जैसे छोड दिये हैं। क्योकि सीधा एक सवाल उपस्थित होता हैं की, ग्राहको धडल्ले से तंबाखू मिलता हैं. और यदि अधिकारी “स्पॉट निरीक्षण” करने जाता है, तो यह दु:खद बात है कि, दुकान में सुगंधित तम्बाकू का एक डिब्बा भी नहीं है। “

