Sunday, August 30, 2026
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“ऑडिटर” ने उगला “दिलीप,रमेश और संजय”का जहरीला सच…..!

•राजूर वेकोलि कर्मचारी क्रेडिट सोसायटी में 26 लाख रु. गबन.  •वणी पुलिस में शिकायत. •यह आंकड़ा 1 करोड़ से ऊपर जाने की संभावना.

अजय कंडेवार, वणी:- वणी तालुका में राजूर वेस्टर्न कोलफील्ड्स एम्प्लाइज को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी(राजूर वेस्टर्न कोलफिल्ड्स कर्मचारी सहकारी पतसंसस्था) में 26 लाख 47 हजार 339 रुपये का घोटाला सामने आया है। सरकारी ऑडिटर अभय निकोडे ने इस संबंध में वणी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है।

क्रेडिट संस्थान में घोटाले के कारण वेकोलि में बचत करने वाले खाताधारकों को कई वित्तीय कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। यह बचत इस इरादे से की गई थी ,कि मुश्किल समय में बचाई गई रकम काम आएगी। यह रकम न मिलने पर कई सवाल उठे। लेखा परीक्षक डी.आर. खराबे ने 2023-24 के लिए इस क्रेडिट संस्थान का वार्षिक ऑडिट पूरा कर लिया है और सहकारी अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार, सहकारी आयुक्त और रजिस्ट्रार सहकारी समितियां, महाराष्ट्र राज्य, पुणे को एक रिपोर्ट प्रस्तुत की है.

वणी पोलिस मे शिकायतकर्ता अभय निकोडे सरकारी ऑडिटर हैं और राजूर में वेस्टर्न कोलफील्ड्स एम्प्लॉइज को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी के प्रशासक हैं। वणी पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार,अध्यक्ष दिलीप जानबा टेंभुर्दे, सचिव रमेश कुमार मौलीराम कनोजिया और क्लर्क संजय अर्जुन शेट्टी पर एक दूसरे से मिलीभगत कर 1 अप्रैल 2023 से 31 मार्च 2024 के बीच वेस्टर्न कोलफील्ड्स कर्मचारी सहकारी साख सोसायटी से 26 लाख 47 हजार 339 रुपये का गबन करने का आरोप लगाया गया है। लाखों रुपए के फर्जी लोन दिखाए गए हैं। संजय शेट्टी के खाते में 14 लाख 31 हजार 33 रुपए जमा हुए, जबकि दिलीप टेंभुर्दे के खाते में 11 लाख 33 हजार रुपए जमा हुए। लाभांश वितरण में भी 83,000 रुपये की विसंगति है। शिकायतकर्ता ने पुलिस विभाग को दी गई अपनी शिकायत में बताया है कि, लाखों की रकम एक गुप्त खाते में जमा कर दी गई है।

•दस्तावेज प्रस्तुत कर वरिष्ठ अधिकारी को अनुमति मांगी- 

“राजूर स्थित राजूर वेस्टर्न कोलफील्ड्स एम्प्लाइज को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी में गबन की शिकायत वणी पुलिस को मिली है। इस संबंध में मामला दर्ज करने के लिए दस्तावेज प्रस्तुत कर अनुमति मांगी गई है। इस मामले में आदेश आते ही पुलिस निरीक्षक के मार्गदर्शन अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी । “- API नीलेश अपसुंदे (वणी पुलिस स्टेशन)

 

•जमाकर्ताओं को पैसा खोने का डर…..

” राजूर कोयला खदान के कई जमाकर्ताओं की जमाराशि इस ऋण संस्था में रखी गई है। इस ऋण संस्था में करीब करोडो रुपए जमा हैं। समय सीमा बीत जाने के बाद भी पैसा नहीं मिला पैसा खोने का डर है.”

 

 

 

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