Ajay Kandewar, Wani :-वणी तहसील की राजूर वेस्टर्न कोलफिल्ड्स कर्मचारी सहकारी पतसंस्था में 1 करोड़ 27 लाख 9 हजार 801 रुपये के भारी आर्थिक घोटाले की पुष्टि होने से इलाके में हड़कंप मच गया है। इस मामले में सरकारी लेखापरीक्षक अभय निकोडे द्वारा की गई शिकायत के आधार पर वणी पुलिस थाने में कार्रवाई करते हुए संस्था के अध्यक्ष दिलीप जानबा टेंभुर्डे, सचिव रमेशकुमार मौलीराम कनोजिया, लिपिक संजय अर्जुन शेटीये और मदन कृष्णाजी अंड्रस्कर के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की गंभीर धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया था।
इस घोटाले में जहां तीन आरोपी हाईकोर्ट से राहत लेने में सफल हो गए हैं, वहीं लिपिक संजय अर्जुन शेटीये वणी पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। पुलिस ने संजय शेटीये को हिरासत में लेकर 7 जनवरी को न्यायालय में पेश किया, जहां उसे पुलिस कस्टडी रिमांड (P.C.R.) के लिए हाजिर किया गया। करोड़ों रुपये के इस घोटाले में संजय शेटीये की भूमिका को बेहद अहम माना जा रहा है और पुलिस सूत्रों के अनुसार उससे पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे होने की संभावना है।
सहकारी संस्था में हुए इस बड़े घोटाले के बाद पूरे वणी तालुका में खलबली मची हुई है। अब सभी की नजरें पुलिस कस्टडी में मौजूद संजय शेटीये पर टिकी हैं, क्योंकि माना जा रहा है कि इसी आरोपी से घोटाले की पूरी परतें खुल सकती हैं। वणी पुलिस इस मामले में गहन जांच कर रही है और आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासों की उम्मीद जताई जा रही है।

