Ajay Kandewar,Wani:- वणी तहसील के बेलोरा घाट से एक बार फिर रात का वीडियो सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। नागरिकों का आरोप है कि वीडियो में दो–दो पोकलेन से रेत उत्खनन साफ़ दिखाई देता है, लेकिन इसके बावजूद कार्रवाई ज़मीन पर नज़र नहीं आ रही। प्रशासन बार-बार “कार्रवाई कर रहे हैं” कहता है, पर एक भी ठोस कदम दिखाई नहीं देता, यही सबसे बड़ा सवाल बन गया है।
स्थानीय नागरिकों के अनुसार, जब सब कुछ खुली आँखों से दिख रहा है, तब भी वणी तहसीलदार और राजस्व प्रशासन की चुप्पी संदेह पैदा कर रही है। लोगों में चर्चा है कि “कुंपण ही खेत खा रहा है”—यानी जिन पर निगरानी की ज़िम्मेदारी है, वही अगर आँख मूँद लें तो तस्करी कैसे रुके? आरोप है कि रात के अंधेरे में उत्खनन जारी है और प्रशासन नींद का नाटक कर रहा है।
नागरिकों के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि कहीं रेत तस्करों को पहले से सूचना तो नहीं दी जाती—“हम आ रहे हैं, तब तक पोकलेन हटा दो”? ऐसे गंभीर आरोपों ने प्रशासन की भूमिका पर बड़ा प्रश्नचिह्न वणी महसूल प्रशासन पर लगा दिया है। यदि ऐसा नहीं है, तो अब तक सख़्त कार्रवाई क्यों नहीं हुई—यह जवाब कौन देगा?कुल मिलाकर तस्वीर चिंताजनक है—तहसीलदार पर निगरानी की ज़िम्मेदारी, राजस्व प्रशासन पर कार्रवाई का दायित्व, और रेत तस्कर मज़े में। नागरिकों की माँग है कि तत्काल स्वतंत्र जांच, सीसीटीवी/ड्रोन निगरानी, और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो, ताकि बेलोरा घाट की लूट पर लगाम लगे और प्रशासन पर उठे सवालों का जवाब मिल सके।

