Friday, April 17, 2026
HomeBreaking Newsरेती घाट मालक भरत नागपाल का "Game......"

रेती घाट मालक भरत नागपाल का “Game……”

Ajay Kandewar,Wani : पुलगांव निवासी तथा भारतीय जनता पार्टी के शहर महामंत्री और रेती घाट संचालक भरत नागपाल की निर्मम हत्या की सनसनीखेज घटना सामने आई है। यह वारदात चंद्रपुर जिले के वरोरा तहसील अंतर्गत (वना) भांबर्डा क्षेत्र के रेती घाट पर हुई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि रेती घाट के आर्थिक लेन-देन और हिस्सेदारी को लेकर चल रहे विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया, जिसके चलते यह रक्तरंजित संघर्ष हुआ। घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और राजनीतिक हलकों में भी रोष व्याप्त है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, रेती घाट के पैसों के बंटवारे और आर्थिक व्यवहार को लेकर भरत नागपाल और कुछ लोगों के बीच लंबे समय से मतभेद चल रहे थे। घटना वाले दिन दोनों पक्षों में तीखी बहस हुई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। इस दौरान भरत नागपाल पर गंभीर हमला किया गया, जिससे वे बुरी तरह घायल हो गए। उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। इस झड़प में तीन अन्य लोग भी घायल हुए हैं, जिनका इलाज जारी है।

इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी सौरभ ठाकुर सहित अमित कामडी और अक्षय खडसे को गिरफ्तार कर लिया है। घटना के बाद कुछ आरोपी फरार हो गए थे, लेकिन पुलिस ने नाकाबंदी कर सघन तलाशी अभियान चलाया। घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम ने जांच कर महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं। क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और आगे की जांच जारी है।भरत नागपाल स्थानीय स्तर पर सक्रिय राजनीतिक चेहरा माने जाते थे। उनकी हत्या के बाद पुलगांव सहित आसपास के क्षेत्रों में तनावपूर्ण माहौल है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और पुलिस ने आश्वासन दिया है कि मामले की हर पहलू से गहन जांच की जाएगी। इस हत्याकांड ने रेती घाट के व्यवसाय से जुड़े आर्थिक और राजनीतिक संबंधों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

 

राजस्व और पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़ा प्रश्नचिह्न

रेती घाट के विवाद से हुई यह हत्या राजस्व और पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा करती है। जानकारी के अनुसार बामर्डा घाट पर पोकलैंड मशीन की मदद से रात देर तक रेत का अवैध उत्खनन जारी था। वहां सीसीटीवी कैमरों की कोई व्यवस्था नहीं थी। बताया जा रहा है कि मध्यरात्रि तक रेत निकासी की अनुमति जैसे हालात बनाने के लिए बड़ा आर्थिक लेन-देन हुआ था। ऐसे रेत घाट व्यवसायियों को प्रशासनिक संरक्षण प्राप्त होने की चर्चा भी क्षेत्र में जोर पकड़ रही है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -spot_img

Most Popular

Most Popular

Recent Comments

You cannot copy content of this page