Ajay,Wani : वणी तहसिल राजूर गांव की सड़कों पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे होने से लोगों को रोज़ भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। हालात ऐसे हो गए थे कि गांव के लोगों ने खुद ₹100-₹200 इकट्ठा करके सड़क के गड्ढे भरने की तैयारी शुरू कर दी थी। कुछ व्हॉट्सऐप ग्रुपों में लोगों ने पैसे देने की सहमति भी जताई और कई लोगों ने राशि भी जमा करनी शुरू कर दी थी। जब यह बात युवा नेता फैजल बशीर खान तक पहुंची, तब उन्होंने गांव वालों से पैसे लेने के बजाय पूरा खर्च खुद उठाने का फैसला किया। इसके बाद उन्होंने अपने खर्च से पूरे गांव के गड्ढे भरने का काम शुरू कर दिया।
पहले दिन सड़कों के गड्ढों में रिजेक्ट (रॉ) मटेरियल डालकर उन्हें भरा गया। दूसरे दिन उन पर मुरूम डालकर सड़क को अच्छी तरह समतल किया गया, ताकि लोगों को आने-जाने में कोई परेशानी न हो। जिस काम के लिए गांव के बड़ेबडे कामचलाऊ नेताओं, जनप्रतिनिधियों ,ग्रा.पं और जिम्मेदार लोगों की ओर उम्मीद से देखा जा रहा था, वह काम एक अकेले युवा ने करके दिखा दिया। आज पूरे गांव में फैजल बशीर खान के इस काम की सरहाना हो रही है.
गांव में अब इस काम को लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं भी सुनने को मिल रही हैं। कई लोगों का कहना है कि जो लोग सिर्फ बड़ी-बड़ी बातें करते थे और हर काम में विरोध करने की राजनीति करते थे, उनके सामने यह काम एक जवाब बन गया है। लोगों के बीच यह भी चर्चा है कि फैजल बशीर खान के इस कदम से किसी के चेहरे पर खुशी है, तो किसी के चेहरे की चमक फीकी पड़ गई है। गांव के कई नागरिकों का कहना है कि काम बोलता है, बयान नहीं। इसलिए आज राजूर में एक ही बात सुनाई दे रही ह”बड़े-बड़े नेताओं को पीछे छोड़, एक युवा ने अकेले करके दिखाया।”या पुरा काम करने के लिए फैजल के सहयोगी सय्यद मोसिम और उनके मित्र परिवार ने बहुत सारी मदत भी की.

