Tuesday, February 17, 2026
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मोहदा हादसे ने खोली सिस्टम की पोल

Ajay Kandewar,Wani:-मुनाफे की अंधी दौड़ में अगर किसी की जान सबसे सस्ती हो गई है, तो वह है मजदूर की जान वणी तहसील के मोहदा क्षेत्र में स्थित के.बी. खान के गिट्टी क्रेशर में 5 फरवरी की तड़के हुआ हादसा.

 

यहां क्रेशर में कार्यरत मजदूर प्रकाश सूर्यभान बांदुरकार (उम्र 54, निवासी कुलों) की कन्वेयर बेल्ट में दबकर दर्दनाक मौत हो गई. यह कोई साधारण दुर्घटना नहीं, बल्कि खान मालिकों की घोर लापरवाही और प्रशासनिक उदासीनता का जीता-जागता सबूत है. प्राप्त जानकारी के अनुसार, रोज की तरह प्रकाश बांदुरकार तड़के ड्यूटी पर थे. क्रेशर में उस समय मशीनें पूरी रफ्तार से चल रही थीं. इसी दौरान अचानक उनका हाथ चलते कन्वेयर बेल्ट में फंस गया. सेकंडों में पूरा शरीर मशीन की गिरफ्त में चला गया. जब तक अन्य मजदूर कुछ समझ पाते और मशीन बंद करने की कोशिश करते, तब तक बहुत देर हो चुकी थी. मौके पर ही प्रकाश की दर्दनाक मौत हो गई. यह दृश्य इतना भयावह था कि वहां मौजूद मजदूरों के होश उड़ गए. हादसे की खबर फैलते ही मोहदा और आसपास के गांवों में सनसनी फैल गई. सुबह क्रेशर परिसर में बड़ी संख्या में ग्रामीण, मजदूर और मृतक के परिचित जमा हो गए. जैसे ही मृतक के परिजन मौके पर पहुंचे, माहौल गम और गुस्से से भर उठा. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था. उन्होंने खान मालिक पर गंभीर आरोप लगाते हुए तत्काल मुआवजे की मांग की. कुछ समय के लिए हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए. बाद में पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में स्थिति को संभाला गया और शव को पोस्टमार्टम के लिए चंद्रपुर भेजा गया. मजदूर संगठनों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि अधिकांश गिट्टी क्रेशरों में सुरक्षा व्यवस्था नाम मात्र की है. न मजदूरों को हेलमेट, दस्ताने, सेफ्टी गार्ड या जूते दिए जाते हैं, न ही किसी तरह का प्रशिक्षण. मशीनों पर सुरक्षा कवच तक नहीं लगाए जाते. नियमों और कानूनों को खुलेआम ताक पर रखकर क्रेशर धड़ल्ले से चलाए जा रहे हैं.

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