Ajay Kandewar,Wani:- अहो… जिल्हा खनिकर्म अधिकारी जोशी साहेब! यह कोई आरोप नहीं, बल्कि (वीडियो) जिंदा सबूत है। वणी तहसील के बेलोरा घाट में भर-दिन पोकलेन मशीनों से अवैध रेती उत्खनन कर ट्रकों में भरी जा रही है और सीधे हाईवे पर ढुलाई की जा रही है। नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ रही हैं, लेकिन प्रशासन की तरफ से अब तक सन्नाटा क्यों?
इस पूरे प्रकरण ने वणी तहसील के तहसीलदार की बेजबाबदार कार्यप्रणाली को उजागर कर दिया है। वीडियो सामने होने के बावजूद न तो स्थल निरीक्षण हुआ, न पोकलेन सील, न ट्रक जब्त। सवाल यह है कि जब सब कुछ कैमरे में कैद है, तो तहसीलदार हाथबल क्यों दिखाई दे रहे हैं? क्या दबाव है, या फिर जानबूझकर आंखें मूंदी जा रही हैंअब उंगली सीधे जिल्हा प्रशासन पर भी उठ रही है। क्या यह केवल लापरवाही है या फिर अळीमिळी गुपचिळी (मिलीभगत)? यदि ऐसा नहीं है, तो जिल्हा खनिकर्म अधिकारी जोशी तत्काल सार्वजनिक रूप से बताएं—वीडियो के आधार पर अब तक क्या कार्रवाई हुई?अवैध उत्खनन पर एफ़आईआर दर्ज क्यों नहीं हुई?शासन को हो रहे संभावित करोड़ों के नुकसान की भरपाई कौन करेगा?सबसे अहम सवाल यह भी है कि क्या इसे “चोरी” का अपराध मानकर पुलिस विभाग एफआईआर दर्ज करेगा? अवैध उत्खनन, सरकारी संपदा की चोरी और राजस्व हानि.इन धाराओं में पुलिस कब संज्ञान लेगी? क्या पोकलेन मालिक, ट्रक चालक और संरक्षण देने वालों पर कार्रवाई होगी?
जनता अब आश्वासन नहीं, कानूनी कार्रवाई चाहती है।बेलोरा घाट प्रकरण में तत्काल एफआईआर, मशीनों की जब्ती और जिम्मेदार अधिकारियों पर जवाबदेही तय होना ही चाहिए.वरना यह सवाल और तेज होगा कि कानून कमजोर है या प्रशासन?

