Ajay ,Wani:- वणी शहर में कई लोग अपने पद और पहचान के कारण जाने जाते हैं, लेकिन कुछ लोग ऐसे होते हैं जो अपने काम, व्यवहार और लोगों के साथ खड़े रहने की भावना से अपनी अलग पहचान बनाते हैं। मनसे वाहतूक सेना के राज्य उपाध्यक्ष इरशाद खान भी ऐसे ही व्यक्तित्व हैं।हंसमुख चेहरा, मिलनसार स्वभाव, हर किसी से अपनापन और जरूरत के समय मदद के लिए आगे आना यही इरशाद खान की सबसे बड़ी पहचान है। आज वणी से लेकर राज्य स्तर तक उनका नाम जाना जाता है, लेकिन इस पहचान के पीछे वर्षों की मेहनत, संघर्ष और संगठन के लिए लगातार किया गया काम है।

2007-08 में शुरू हुआ राजनीतिक सफर..
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना की स्थापना के समय ही, वर्ष 2007-08 में, इरशाद खान ने वणी से अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की। उस समय वे एक युवा कार्यकर्ता के रूप में मनसे से जुड़े। उस समय मनसे नेता राजूभाऊ उंबरकर यवतमाल जिले के प्रभारी जिलाध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे थे। पार्टी की शुरुआत का वह समय आसान नहीं था। संगठन नया था और कार्यकर्ताओं को जोड़ने का बड़ा काम सामने था।इसी समय इरशाद खान ने मनसे को अपना परिवार मानकर काम किया। उन्होंने पार्टी के कार्यकर्ताओं से अच्छे संबंध बनाए और धीरे-धीरे युवाओं को मनसे के साथ जोड़ना शुरू किया।वणी में मनसे की शुरुआती टीम तैयार करने में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
•शाखाध्यक्ष से शहर उपाध्यक्ष तक
पार्टी में लगातार काम करने के बाद इरशाद खान को वणी शाखाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली। उन्होंने इस जिम्मेदारी को पूरी मेहनत के साथ निभाया।इसके बाद नगर परिषद चुनाव से पहले उन्हें शहर उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई।नगर परिषद चुनाव उनके राजनीतिक जीवन का एक महत्वपूर्ण दौर था। उन्होंने युवाओं के साथ-साथ अल्पसंख्यक समाज और विभिन्न वर्गों के लोगों को पार्टी के साथ जोड़ने का काम किया।चुनाव के दौरान उन्होंने पार्टी के उम्मीदवारों के लिए लगातार मेहनत की। कार्यकर्ताओं को एकजुट किया, लोगों से संपर्क किया और संगठन को मजबूत किया।इस मेहनत का असर चुनाव परिणाम में भी दिखाई दिया। मनसे के कई उम्मीदवार विजयी हुए और वणी नगर परिषद में मनसे की सत्ता स्थापित करने में इरशाद खान की भूमिका महत्वपूर्ण रही। इसी वजह से उस समय उन्हें पार्टी के लिए ‘किंगमेकर युवक’ के रूप में भी देखा गया।
काम बढ़ा तो लोगों से जुड़ाव भी बढ़ता गया….
नगर परिषद चुनाव के बाद इरशाद खान का जनसंपर्क लगातार बढ़ता गया।राजनीतिक कार्यकर्ताओं के साथ-साथ व्यापारी, वाहन मालिक, ट्रांसपोर्टर, मजदूर, युवा और आम नागरिकों से उनका संपर्क बढ़ा।लोगों की समस्या सुनना और जरूरत पड़ने पर उनके साथ खड़ा होना उनकी आदत बन गई।उन्होंने कभी राजनीति को केवल चुनाव तक सीमित नहीं रखा। उनके लिए राजनीति का मतलब लोगों के बीच रहना और उनके सवालों के लिए आवाज उठाना रहा।
•2022 में मिली राज्य स्तर की जिम्मेदारी
लगातार पार्टी के लिए किए गए काम को देखते हुए वर्ष 2022 में इरशाद खान को मनसे वाहतूक सेना के राज्य उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई।वणी से शुरू हुआ उनका राजनीतिक सफर अब राज्य स्तर तक पहुंच चुका था। पद मिलने के बाद वणी के चौक में Grand Entry भी हुई.यह जिम्मेदारी मिलने के बाद उन्होंने वाहतूक से जुड़े कई मुद्दों को मजबूती से उठाया।स्कूल बस, पार्किंग, टोल, ओवरलोड वाहन, चेकपोस्ट की व्यवस्था और वाहतूक से जुड़े कई अन्य सवालों को उन्होंने प्रशासन के सामने रखा।
•वाहतूक व्यवस्था में नियम और अनुशासन की मांग
इरशाद खान का मानना है कि शहर और ग्रामीण क्षेत्र में वाहतूक व्यवस्था व्यवस्थित और सुरक्षित होनी चाहिए।वाहन नियमों का पालन करें, ओवरलोडिंग पर रोक लगे, अवैध वाहतूक पर कार्रवाई हो और आम नागरिकों को परेशानी न हो.इस दिशा में उन्होंने लगातार आवाज उठाई।लेकिन उनकी मांग केवल कार्रवाई तक सीमित नहीं रही।उनका कहना है कि स्थानीय वाहतूकदारों को भी न्याय मिलना चाहिए और उन्हें रोजगार की उचित संधी मिलनी चाहिए।
•कोलार वेकोली माइंस आंदोलन ने दिखाई संघर्ष की ताकत…
वेकोली क्षेत्र के सवालों पर भी इरशाद खान ने कई बार आंदोलन किए हैं। इनमें कोलार माइंस का आंदोलन विशेष रूप से चर्चा में रहा।मनसे कार्यकर्ताओं के साथ उन्होंने कोलार माइंस में जाकर आंदोलन किया। यह आंदोलन करीब दो घंटे तक चला।इस आंदोलन के माध्यम से स्थानीय वाहतूकदारों और संबंधित लोगों के सवाल वेकोली प्रशासन के सामने मजबूती से रखे गए।इस आंदोलन के बाद इरशाद खान की पहचान सवालों के लिए मैदान में उतरने वाले “नेता “के रूप में और मजबूत हुई।
वेकोली के मुद्दों पर हमेशा इर्शाद खान सक्रिय….
वणी क्षेत्र में वेकोली का बड़ा महत्व है। इससे जुड़े वाहतूक और रोजगार के सवाल भी स्थानीय लोगों के लिए महत्वपूर्ण हैं।इरशाद खान ने इन मुद्दों को लगातार उठाया है।स्थानीय वाहनों को काम मिले, स्थानीय लोगों को रोजगार मिले और वाहतूक व्यवस्था में पारदर्शिता रहे, इसके लिए उन्होंने संबंधित अधिकारियों और व्यवस्थापन के सामने अपनी बात रखी।
स्थानीय युवाओं को रोजगार मिले यही सबसे बड़ी मांग..
इरशाद खान के काम का एक महत्वपूर्ण मुद्दा है—स्थानीय रोजगार।वणी विधानसभा क्षेत्र में बड़ी संख्या में उद्योग और कंपनियां हैं। यहां वाहतूक का भी बड़ा व्यवसाय है।इरशाद खान चाहते हैं कि इन कामों में बाहर के लोगों को प्राथमिकता देने के बजाय स्थानीय युवाओं और स्थानीय वाहन मालिकों को ज्यादा अवसर मिले।उनकी साफ सोच है कि जिस क्षेत्र में उद्योग चल रहे हैं, वहां के स्थानीय लोगों को भी उसका लाभ मिलना चाहिए।युवाओं को रोजगार मिले, स्थानीय वाहन मालिकों को काम मिले और स्थानीय परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो .यह उनके काम का प्रमुख उद्देश्य है।
राजनीति में पद बड़ा हुआ, लेकिन व्यवहार नहीं बदला….
आज इरशाद खान राज्य स्तर के पद पर हैं। इसके बावजूद आम लोगों और पुराने कार्यकर्ताओं से उनका जुड़ाव बना हुआ है।वे आज भी लोगों से आसानी से मिलते हैं। कार्यकर्ताओं की बात सुनते हैं और जरूरत पड़ने पर उनके साथ खड़े रहते हैं।उनका हंसमुख स्वभाव लोगों को आसानी से अपनी ओर खींचता है।इसी वजह से कई लोग उन्हें नेता से ज्यादा ‘अपना आदमी’ मानते हैं।
एक फोन और मदद के लिए हमेशा तैयार….
इरशाद खान के बारे में उनके साथ काम करने वाले लोग अक्सर कहते हैं कि जरूरत के समय उन्हें फोन किया जा सकता है।किसी कार्यकर्ता की परेशानी हो, किसी नागरिक की समस्या हो या अचानक कोई संकट आया हो.वे अपनी क्षमता के अनुसार मदद करने की कोशिश करते हैं।लोगों के सुख-दुख में साथ खड़ा रहना उनके व्यक्तित्व का सबसे मजबूत हिस्सा है।
सामान्य परिस्थितियों से बनाया अपना मुकाम….
इरशाद खान का जीवन सफर संघर्ष से भरा रहा है। सामान्य परिस्थितियों से आगे बढ़ते हुए उन्होंने अपने काम और मेहनत से राजनीति में पहचान बनाई।उनके पास शुरुआत में कोई बड़ा राजनीतिक पद नहीं था। उन्होंने एक सामान्य कार्यकर्ता के रूप में काम शुरू किया।
लेकिन धीरे-धीरे जिम्मेदारियां बढ़ती गईं—
युवा कार्यकर्ता से शाखाध्यक्ष,शाखाध्यक्ष से शहर उपाध्यक्ष,शहर उपाध्यक्ष से संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका, और फिर मनसे वाहतूक सेना के राज्य उपाध्यक्ष तक। यह सफर उनके संघर्ष और मेहनत की कहानी बताता है।
राजूभाऊ उंबरकर रहे प्रेरणा…,
इरशाद खान अपनी राजनीतिक यात्रा में मनसे नेता राजू उंबरकर को अपना मार्गदर्शक और प्रेरणास्थान मानते हैं।पार्टी की शुरुआत से ही उन्हें उंबरकर का मार्गदर्शन मिला। संगठन को मजबूत करना, कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलना और आम लोगों के सवालों के लिए आवाज उठानाइन बातों की प्रेरणा उन्हें लगातार मिलती रही।आज भी वे पार्टी की विचारधारा से जुड़े रहकर काम करने को अपनी प्राथमिकता मानते हैं.
मुस्कान के पीछे संघर्ष की लंबी कहानी…
इरशाद खान को आज लोग हंसते हुए देखते हैं, लेकिन इस मुस्कान के पीछे वर्षों का संघर्ष है।राजनीति में उतार-चढ़ाव आते रहे। परिस्थितियां बदलीं। पद और जिम्मेदारियां बदलीं। लेकिन उनका काम करने का तरीका नहीं बदला।लोगों के बीच रहना, कार्यकर्ताओं को जोड़ना और जरूरत के समय साथ खड़ा रहना, यही उनकी ताकत बनी रही।
विभिन्न समाजों को साथ लेकर चलने की कोशिश…
वणी जैसे शहर में अलग-अलग समाज और वर्ग के लोग रहते हैं। इरशाद खान ने अपने राजनीतिक सफर में सभी समाज के लोगों से संपर्क बनाए रखने की कोशिश की।युवा वर्ग को जोड़ना, अल्पसंख्यक समाज के लोगों को साथ लेना और अन्य समाजों के लोगों से भी अच्छे संबंध रखना उनकी संगठन क्षमता की खासियत रही है।उनका मानना है कि राजनीति में संगठन तभी मजबूत होता है, जब लोगों को साथ लेकर चला जाए।
आगे का सपना : व्यवस्थित वाहतूक और स्थानीयों को रोजगार
इरशाद खान की आगे की सोच भी साफ है।वणी विधानसभा क्षेत्र में वाहतूक व्यवस्था बेहतर हो। नियमों का पालन हो। अवैध वाहतूक पर रोक लगे। स्थानीय वाहतूकदारों को काम मिले। स्थानीय युवाओं को रोजगार मिले और कंपनियों में स्थानीय लोगों को उचित अवसर मिले।वे चाहते हैं कि वणी विधानसभा क्षेत्र में होने वाले विकास और उद्योगों का फायदा यहां के लोगों को सबसे पहले मिले।
जन्मदिन के अवसर पर विशेष शुभकामनाएं
मनसे वाहतूक सेना के राज्य उपाध्यक्ष मा. श्री. इरशाद खान..,.“चेहरे पर हमेशा मुस्कान, दिल में अपनों के लिए जगह और जरूरत के समय सबसे आगे,यही है इरशाद खान की असली पहचान।”

