Ajay,Wani :- वणी तहसिल के राजूर गांव में सड़कों की तस्वीर अब वेकोली और ग्रामपंचायत पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़कों पर बने गहरे गड्ढों के कारण आए दिन लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। हालत इतनी खराब बताई जा रही है कि अब गांव के वाहन चालकों ने स्वयं आगे आकर प्रति वाहन ₹100 का चंदा इकट्ठा करना शुरू कर दिया है, ताकि सड़क के गड्ढे भरे जा सकें।


ग्रामीणों का कहना है कि सड़कों की मरम्मत करना जनता का नहीं, बल्कि संबंधित प्रशासन और स्थानीय निकायों का दायित्व है।चुनाव के समय विकास के बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन हकीकत में ग्रामीणों को टूटी सड़कों, गड्ढों, जाम नालियों और कचरे की समस्या से जूझना पड़ रहा है। इसी कारण राजूर में ग्रामीणों के बीच यह सवाल तेजी से उठ रहा है कि “क्या ग्राम पंचायत और WCL कंगाल हो गई है?” पिछले 15 से 20 साल से विकास कार्य ठप पड़े हैं और मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है, जिससे लोगों में भारी नाराजगी का माहौल बना हुआ है। उन्हे चूनकर लाओ और इनके ही पीछे घुमो स्थिति बनी हुए राजूर गाव मे. इनके “खिसे गरम करो और गाव की मरम्मत हम ही करो”ऐसा गाव आज बन गया है.
ऐसे में यदि आम लोगों को अपनी जेब से पैसा खर्च कर सड़कें ठीक करनी पड़ रही हैं, तो यह व्यवस्था की विफलता का बड़ा उदाहरण है।स्थानीय लोगों का आरोप है कि गांव में जगह-जगह गड्ढे, कचरे के ढेर और जाम नालियां लोगों के लिए सबसे बड़ी समस्या बन चुके हैं। इसके बावजूद समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में अपेक्षित कदम दिखाई नहीं दे रहे हैं। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि जब राजूर में ग्राम पंचायत मौजूद है और क्षेत्र में WCL जैसी बड़ी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी भी कार्यरत है, तब भी यदि सड़कों की मरम्मत के लिए वाहन चालकों को ₹100-₹100 का चंदा जुटाना पड़ रहा है, तो आखिर ग्राम पंचायत और WCL की भूमिका क्या है?लेकिन आज हालात ऐसे हैं कि गांव की सड़कें ठीक कराने के लिए जनता को ही चंदा इकट्ठा करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, यह किसी भी गांव के लिए अत्यंत चिंताजनक और दुखद स्थिति है।
चुनाव के समय सभी सरपंच ,सदस्य के विकास के बड़े-बड़े वादे….
चुनाव के समय विकास के बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन हकीकत में ग्रामीणों को टूटी सड़कों, गड्ढों, जाम नालियों और कचरे की समस्या से जूझना पड़ रहा है। इसी कारण राजूर में ग्रामीणों के बीच यह सवाल तेजी से उठ रहा है कि “क्या ग्राम पंचायत कंगाल हो गई है?” नागरिकों का कहना है कि विकास कार्य ठप पड़े हैं और मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है, जिससे लोगों में भारी नाराजगी का माहौल बना हुआ है।

