Ajay Kandewar,Wani:- वणी तहसील के शिरपूर पुलिस स्टेशन क्षेत्र अंतर्गत बेलोरा घाट में करोड़ों रुपये की अवैध रेत खनन से भारी हड़कंप मचा हुआ है। इस पूरे मामले के लिए जिम्मेदार वणी तहसीलदार और मंडल अधिकारी को तत्काल निलंबित करने की जोरदार मांग शिंदे सेना के (यवतमाल–वणी–रालेगांव) जिला संगठक विजय चोरडिया ने की है। इस संबंध में वणी के उपविभागीय अधिकारी, महाराष्ट्र मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और यवतमाल पालकमंत्री संजय राठोड को ज्ञापन भेजकर प्रशासन पर दबाव बढ़ाया गया है।
ज्ञापन में कहा गया है कि बेलोरा घाट इस समय रेत माफियाओं का खुला अड्डा बन चुका है। यहां पोकलेन मशीनों की मदद से दिन-दहाड़े और रात के अंधेरे में बड़े पैमाने पर अवैध रेत खनन किया गया। इस वजह से सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। गंभीर आरोप है कि मंडल अधिकारी ने जानबूझकर आंखें मूंद लीं और रेत तस्करों से आर्थिक सांठगांठ कर मौन सहमति दि होगी ऐसा आरोप निवेदनद्वारा लगाया है.
विजय चोरडिया ने यह भी आरोप लगाया कि ,वणी तहसीलदार को बार-बार लिखित और मौखिक जानकारी देने के बावजूद उन्होंने घटनास्थल पर जाना टाल दिया, स्पॉट पंचनामा नहीं किया और मामले को दबाने की कोशिश की। यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि रेत तस्करी को दिया गया अप्रत्यक्ष संरक्षण है। बेलोरा घाट की वजह से जहां जरूरतमंद घरकुल लाभार्थियों को नियम के अनुसार रेत नहीं मिली, वहीं तस्करों ने बेहिसाब खनन कर जमकर फायदा उठाया। अधिकारियों के आशीर्वाद से इस घाट को “सोना उगलने वाली मुर्गी” बना दिया गया, ऐसा तीखा आरोप भी किया गया.
इसलिए मांग की गई है कि बेलोरा घाट को तुरंत बंद किया जाए, ETS माप के जरिए कितनी रेत चोरी हुई इसका खुलासा किया जाए, रेत चोरी के मामले में अपराध दर्ज किया जाए और वणी तहसीलदार व मंडल अधिकारी को पद से हटाकर उनके खिलाफ विभागीय और आपराधिक कार्रवाई की जाए। साथ ही जिला खनिज विभाग के माध्यम से स्वतंत्र जांच समिति गठित करने की भी मांग की गई है। यदि तुरंत ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो शिवसेना स्टाइल में तीव्र आंदोलन किया जाएगा और उससे उत्पन्न होने वाली स्थिति की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी, ऐसा स्पष्ट इशारा विजय चोरडिया ने दिया है।

